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#🕯️ மூத்த பிரபல நடிகர் காலமானார் 💐
🕯️ மூத்த பிரபல நடிகர் காலமானார் 💐 - सुरीली आवाज़ की अमर धरोहर சஏ Aawaaz Uthao कल्याणपुर ३१ मई २०२६ ) (1937 "एक आवाज़ जो थमी, पर गूँज अमर रही... हिंदी सिनेमा की सुरीली पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर अब हमारे बीच नहीं रहीं | ३१ मई २०२६ को ८९ वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। में जन्मी सुमन जी ने अविभाजित भारत के ढाका १९५० के दशक में फिल्मी दुनिया में कदम रखा। साठ और सत्तर का दशक हिंदी फिल्म संगीत का वो सुनहरा युग - उनकी आवाज से और भी महकता था। "लता जी की आवाज़ का ' भ्रम" सुमन कल्याणपुर की आवाज़ लता मंगेशकर से इतनी मिलती जुलती थी कि श्रोता अक्सर धोखा खा जाते थे। रफी के बीच कुछ समय के जब लता जी और मोहम्मद "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे.. लिए मतभेद हुए, तो संगीतकारों ने सुमन जी की आवाज़ प्यार तुम्हीं से कर बैठे.. "ना ना करते बखूबी उपयोग में लिया। रफ़ी साहब के साथ उनके ಹ १४० से अधिक युगल गीत आज भी कानों में रस घोलते हैं। ये गाने सुनते रहेंगे और सुमन जी याद आती रहेंगी| बहुभाषी प्रतिभा हिंदी के साथन्साथ उन्होंने मराठी , बंगाली , उड़िया विनम्र श्रद्धांजलि और असमी भाषाओं में भी अपनी आवाज़ का बिखेरा | जादू 000' HHI भारत सरकार ने २०२३ में उन्हें पदम भूषण से सम्मानित किया था। सुरीली आवाज़ की अमर धरोहर சஏ Aawaaz Uthao कल्याणपुर ३१ मई २०२६ ) (1937 "एक आवाज़ जो थमी, पर गूँज अमर रही... हिंदी सिनेमा की सुरीली पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर अब हमारे बीच नहीं रहीं | ३१ मई २०२६ को ८९ वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। में जन्मी सुमन जी ने अविभाजित भारत के ढाका १९५० के दशक में फिल्मी दुनिया में कदम रखा। साठ और सत्तर का दशक हिंदी फिल्म संगीत का वो सुनहरा युग - उनकी आवाज से और भी महकता था। "लता जी की आवाज़ का ' भ्रम" सुमन कल्याणपुर की आवाज़ लता मंगेशकर से इतनी मिलती जुलती थी कि श्रोता अक्सर धोखा खा जाते थे। रफी के बीच कुछ समय के जब लता जी और मोहम्मद "आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे.. लिए मतभेद हुए, तो संगीतकारों ने सुमन जी की आवाज़ प्यार तुम्हीं से कर बैठे.. "ना ना करते बखूबी उपयोग में लिया। रफ़ी साहब के साथ उनके ಹ १४० से अधिक युगल गीत आज भी कानों में रस घोलते हैं। ये गाने सुनते रहेंगे और सुमन जी याद आती रहेंगी| बहुभाषी प्रतिभा हिंदी के साथन्साथ उन्होंने मराठी , बंगाली , उड़िया विनम्र श्रद्धांजलि और असमी भाषाओं में भी अपनी आवाज़ का बिखेरा | जादू 000' HHI भारत सरकार ने २०२३ में उन्हें पदम भूषण से सम्मानित किया था। - ShareChat