ShareChat
click to see wallet page
search
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - सुप्रभात कुछ ख्वाहिंशे, बारिश की उन बूंदों कीतरह होती है॰ जिन्हें पानेके लिए हथेलियां तो भीग़ जाती है, परहाथ हमेशा खाली ही रह जाते है ..!! सुप्रभात कुछ ख्वाहिंशे, बारिश की उन बूंदों कीतरह होती है॰ जिन्हें पानेके लिए हथेलियां तो भीग़ जाती है, परहाथ हमेशा खाली ही रह जाते है ..!! - ShareChat