Rohit saini
#GodMorningFriday
निंदक एकहु मति मिलै पापी मिलै हजार।
इस निंदक के शीश पर, लाख पाप का भार।।
कबीर साहेब जी कहते हैं कि संसार में अन्य प्रकार के चाहे हजारों पापी मिलें, परंतु एक भी पर-निंदक से भेंट न हो, क्योंकि एक पर-निंदक के शीश पर, लाखों पाप का बोझ रहता है। #🙏🏻 मेरे भगवान 🙏🏻