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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - मर्यादा में रहकर भी जब आत्म सम्मान न मिले तो चुप रहना कोई गुण नहीं कमजोरी है हर बार झुकना होती है संस्कार नहीं होता মুফনা और एक वक्त के बाद सहनशीलता का मतलब अपमान ही होता है। जहां इज्जत नहीं वहां रुकना अपने वजूद के करना है। বুব্ধ$ कभी॰कभी संस्कार भूलकर सीमा लांघना आत्मरक्षा कहलाता है। और हां एक वक्त पर खुद को चुन लेना घमंड नही खुद की देखभाल का सबसे अच्छा तरीका है। मर्यादा में रहकर भी जब आत्म सम्मान न मिले तो चुप रहना कोई गुण नहीं कमजोरी है हर बार झुकना होती है संस्कार नहीं होता মুফনা और एक वक्त के बाद सहनशीलता का मतलब अपमान ही होता है। जहां इज्जत नहीं वहां रुकना अपने वजूद के करना है। বুব্ধ$ कभी॰कभी संस्कार भूलकर सीमा लांघना आत्मरक्षा कहलाता है। और हां एक वक्त पर खुद को चुन लेना घमंड नही खुद की देखभाल का सबसे अच्छा तरीका है। - ShareChat