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#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - सूरज के ढलते समय परछाई बहुत बड़ी हो जाती है वैसे ही पतन के समय इंसान का अहंकार बढ जाता है पतन की इसे पहली दस्तक समझिए। " सूरज के ढलते समय परछाई बहुत बड़ी हो जाती है वैसे ही पतन के समय इंसान का अहंकार बढ जाता है पतन की इसे पहली दस्तक समझिए। " - ShareChat