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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - हम सभी बचपन में नास्तिक होते हैं। { a मज़हब हमारे भीतर डाला जाता है। प्राकृतिक नहीं॰ मानसिक बंधन है। RATIONALIST RAHUI tark kamanch [ [ हम सभी बचपन में नास्तिक होते हैं। { a मज़हब हमारे भीतर डाला जाता है। प्राकृतिक नहीं॰ मानसिक बंधन है। RATIONALIST RAHUI tark kamanch [ [ - ShareChat