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*What Qur'an says about Itself.(2)* *2/5/26* #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #*let us understand our religion #islam guide us in every field of life #points to ponder #सोचने वाली बात
*આપણે વિચારીશું ખરા?* - (4) Qur'an 36:69 "और हमने (नबी को) शायरी नहीं लिए सिखाई, और न यह उनके शोभा देती है। यह तो केवल एक नसीहत और स्पष्ट कुरआन है।॰ যম আাযন ননানী ; ক্ি *Qur'an कविता नहीं, बल्कि अल्लाह की स्पष्ट वह्य (Revelation) है. * " (5) Puian 4:82  ೫ T೯87೯  4:82* से विचार नहीं करते? अगर यह अल्लाह के सिवा किसी और की तरफ से होता, तो इसर्में बहुतनसा विरोधाभास पाते।" यह आयत Quran पर तदब्बुर (गहराई से चिंतन) की दावत देती है॰ (6) Qur'an 38.29 "्यह एक बरकत वाली किताब है जिसे हमने आपकी ओर उतारा है, ताकि लोग इसकी आयतों में गहराई से विचार करें और बुद्धि वाले लोग नसीहत प्राप्त करें।" 2/5/26 0 21 ఐగ (4) Qur'an 36:69 "और हमने (नबी को) शायरी नहीं लिए सिखाई, और न यह उनके शोभा देती है। यह तो केवल एक नसीहत और स्पष्ट कुरआन है।॰ যম আাযন ননানী ; ক্ি *Qur'an कविता नहीं, बल्कि अल्लाह की स्पष्ट वह्य (Revelation) है. * " (5) Puian 4:82  ೫ T೯87೯  4:82* से विचार नहीं करते? अगर यह अल्लाह के सिवा किसी और की तरफ से होता, तो इसर्में बहुतनसा विरोधाभास पाते।" यह आयत Quran पर तदब्बुर (गहराई से चिंतन) की दावत देती है॰ (6) Qur'an 38.29 "्यह एक बरकत वाली किताब है जिसे हमने आपकी ओर उतारा है, ताकि लोग इसकी आयतों में गहराई से विचार करें और बुद्धि वाले लोग नसीहत प्राप्त करें।" 2/5/26 0 21 ఐగ - ShareChat