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#ઓશો રજનીશ
ઓશો રજનીશ - +89 की कोई भी चीज़ वस्तु अपवित्र সব্ধূনি इस नहीं होती है | ईन्शान का मन ही चीज़ को अपवित्र और पवित्र बनाता है | वस्तुओं +89 की कोई भी चीज़ वस्तु अपवित्र সব্ধূনি इस नहीं होती है | ईन्शान का मन ही चीज़ को अपवित्र और पवित्र बनाता है | वस्तुओं - ShareChat