ShareChat
click to see wallet page
search
#भक्ति भावनाएं #शराब_पीना_महापाप♦️हुक्का हरदम पीवते, लाल मिलांवे धूर। इसमें संशय है नहीं, जन्म पीछले सूअर।। समाज के व्यक्तियों को देखकर कुछ व्यक्ति हुक्का या अन्य नशीली वस्तुऐं सेवन करने लग जाते हैं। यदि सत्संग सुनकर बुराई त्याग देते हैं तो वे जीव पिछले जन्म में भी मनुष्य थे। उनके अंदर नशे की गहरी लत नहीं बनती। परंतु जो बार-बार सत्संग सुनकर भी तम्बाकू आदि नशे का त्याग नहीं कर पाते, वे पिछले जन्म में सूअर के शरीर में थे। सूअर के शरीर में बदबू (bad smell) सूंघने से तम्बाकू की बदबू पीने-सूंघने की गहरी आदत होती है। वे शीघ्र हुक्का व अन्य नशा नहीं त्याग पाते। वे अपने अनमोल मानव शरीर रूपी लाल को मिट्टी में मिला रहे हैं। उनको अधिक सत्संग सुनने की राय दी जाती है। निराश न हों। सच्चे मन से परमात्मा कबीर जी से नशा छुड़वाने की पुकार प्रार्थना करने से सब नशा छूट जाता है।
भक्ति भावनाएं - नशा नाश का कारण   है २८ साल से कर रहे नशेको संत रामपाल जीने में छुड़वा दिया। पल भर Mahondro Da', Songom Vihor (01) . संत   रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश   लेने के बाद सब तरह के नशे छूट जाते हैं। SA अधिक जानकारी YouTube नशा नाश का कारण   है २८ साल से कर रहे नशेको संत रामपाल जीने में छुड़वा दिया। पल भर Mahondro Da', Songom Vihor (01) . संत   रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश   लेने के बाद सब तरह के नशे छूट जाते हैं। SA अधिक जानकारी YouTube - ShareChat