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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - नए-्नए आंखें हो तो हर मंजर अच्छा लगता है, कुछ दिन शहर में घूमे लेकिन अब घर अच्छा लगता है..! 100 खामोशियां. नए-्नए आंखें हो तो हर मंजर अच्छा लगता है, कुछ दिन शहर में घूमे लेकिन अब घर अच्छा लगता है..! 100 खामोशियां. - ShareChat