बाल स्वरूप कृष्ण भगवान गौमाताओं का दर्शन कर अति प्रसन्न होते है, वे अपने घुटनों के बल चल कर गोष्ठ में पहुँच जाते है, गौबर और गौमुत्र से स्नान करने लगते है, गौमय में लोटने लगते है, यह दृश्य देखकर माता यशोदा कहती है कि अरे कान्हा 'तू तो उस जन्म का शूकर है' कन्हैया वराह अवतार का स्मरण कर हँसने लगते है।
#गौमहिमा


