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#बिल्कुल सही कहा आपने 👍 miss you papa
बिल्कुल सही कहा आपने 👍 - मैने रिश्तों को बहुत करीब से देखा है पापा के जाने के बाद। পক্ল তী লীণ কাল थे, अब बस खबर पूछते ले लेते हैं, दूर से ही पहले जो साथ बैठते थे, अब दिलासा दे देते हैं। तब समझ आया कि रिश्ते शब्दों से नहीं, हालात से पहचाने जाते हैं। पापा थे तो हर रिश्ता सच्चा लगता था, उनके जाने के बाद हर चेहरे पर एक परत दिखने लगी- कोई मजबूरी की, कोई मतलब की॰ कोई बस औपचारिकता की। मैंने सीखा कि हर कोई अपना नहीं होता, और जो सच में अपना होता है॰॰. वो कभी जाने के बाद भी साथ छोड़कर नहीं जाता - जैसे पापा। अब रिश्तों से उम्मीद कम है, और यादों से लगाव ज्यादा क्योंकि लोग बदल जाते हैं, पर पापा की जगह . कभी नहीं भरती। मैने रिश्तों को बहुत करीब से देखा है पापा के जाने के बाद। পক্ল তী লীণ কাল थे, अब बस खबर पूछते ले लेते हैं, दूर से ही पहले जो साथ बैठते थे, अब दिलासा दे देते हैं। तब समझ आया कि रिश्ते शब्दों से नहीं, हालात से पहचाने जाते हैं। पापा थे तो हर रिश्ता सच्चा लगता था, उनके जाने के बाद हर चेहरे पर एक परत दिखने लगी- कोई मजबूरी की, कोई मतलब की॰ कोई बस औपचारिकता की। मैंने सीखा कि हर कोई अपना नहीं होता, और जो सच में अपना होता है॰॰. वो कभी जाने के बाद भी साथ छोड़कर नहीं जाता - जैसे पापा। अब रिश्तों से उम्मीद कम है, और यादों से लगाव ज्यादा क्योंकि लोग बदल जाते हैं, पर पापा की जगह . कभी नहीं भरती। - ShareChat