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#☪ सूफी संगीत 🕌 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🤲हदीस🕌 #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲कुरान संदेश
☪ सूफी संगीत 🕌 - GGGotr} জুঠী @IIGTEGIGu शम्स तबरेज़ के रूप में १५ नवंबर १२४४ को  (तुर्की ) में मिले थे। इसके उपरांत , रूमी ने अपने मुर्शिद (गुरु) शम्स कोन्या ' मसनवी ' और ' दोवान ए कबीर ' में कबोर तबरेज़ की प्रशंसा में रचित  कृतियों  परमात्मा ( अल खिज्र) का उल्लेख किया है। GGGotr} জুঠী @IIGTEGIGu शम्स तबरेज़ के रूप में १५ नवंबर १२४४ को  (तुर्की ) में मिले थे। इसके उपरांत , रूमी ने अपने मुर्शिद (गुरु) शम्स कोन्या ' मसनवी ' और ' दोवान ए कबीर ' में कबोर तबरेज़ की प्रशंसा में रचित  कृतियों  परमात्मा ( अल खिज्र) का उल्लेख किया है। - ShareChat