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##मेरी जिंदगी कि हकीकत
#मेरी जिंदगी कि हकीकत - 8 इन्सान तब तक सहन तक उसकी सहन करने की जब क्षमता होती है 7 उसके बाद वो नातो रिश्तों को जरुरी समझता है और ना तो अपनों को !  8 इन्सान तब तक सहन तक उसकी सहन करने की जब क्षमता होती है 7 उसके बाद वो नातो रिश्तों को जरुरी समझता है और ना तो अपनों को ! - ShareChat