ShareChat
click to see wallet page
search
महिला आरक्षण बिल #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - महिला आरक्षण बिल के लागू होने में देरी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण हैं। इसे " चुनावी मुद्दा" कहे जाने के पीछे कई तर्क दिए जाते हैंः दृष्टिकोण (Political Aspect) 1. হাতনীনিব্র विपक्ष का यह मुख्य आरोप रहा है कि सरकार ने इसे क्रेडिट लेने के लिए आनन-फानन में पारित किया, लेकिन " जनगणना और परिसीमन" की शर्त जोड़कर इसे भविष्य के लिए टाल दिया। उनका तर्क है कि अगर मंशा तुरंत लागू करने की होती, तो इसे वर्तमान सीटों पर ही लागू किया जा सकता था। २. संवैधानिक और तकनीकी पक्ष ( Technical Aspect) सरकार का पक्ष यह है कि बिना नई जनगणना और परिसीमन कानूनी रूप से जटिल हो सकता है। आरक्षण लागू करना सीटों का निर्धारणः कौन सी सीटें महिलाओं के लिए पारदर्शी तरीके से आरक्षित होंगी , इसका परिसीमन आयोग ही कर रफता है। महिला आरक्षण बिल के लागू होने में देरी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण हैं। इसे " चुनावी मुद्दा" कहे जाने के पीछे कई तर्क दिए जाते हैंः दृष्टिकोण (Political Aspect) 1. হাতনীনিব্র विपक्ष का यह मुख्य आरोप रहा है कि सरकार ने इसे क्रेडिट लेने के लिए आनन-फानन में पारित किया, लेकिन " जनगणना और परिसीमन" की शर्त जोड़कर इसे भविष्य के लिए टाल दिया। उनका तर्क है कि अगर मंशा तुरंत लागू करने की होती, तो इसे वर्तमान सीटों पर ही लागू किया जा सकता था। २. संवैधानिक और तकनीकी पक्ष ( Technical Aspect) सरकार का पक्ष यह है कि बिना नई जनगणना और परिसीमन कानूनी रूप से जटिल हो सकता है। आरक्षण लागू करना सीटों का निर्धारणः कौन सी सीटें महिलाओं के लिए पारदर्शी तरीके से आरक्षित होंगी , इसका परिसीमन आयोग ही कर रफता है। - ShareChat