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Jay Shri Krishna 🙏 🙏🌸 #Radhe Radhe krishna #Radhe Radhe #🦚 राधे कृष्णा स्टेटस #🌸 बोलो राधे राधे #Radhe 🌍Radhe
Radhe Radhe krishna - saardrla MflఖUI @Binayलपफमाधिंणे संपन्न पूर्ण अवतार विष्णु  के पूर्णावतार हैं, जिनमें दिव्यता की सभी १६ कलाऐं पूर्ण रूप से विद्यमान हैं। श्रीकृष्ण भगचान वे प्रेम , ज्ञान, शक्ति, करुणा और धर्म के प्रतीक है उनका जीवन हमें सिखाता है कर्म करो , प्रेम करो और धर्म के मार्ग पर चलो। কীনি इला अचल संपत्ति (uT-VuI ।चाणी को भूमि और रात्य (धन सपदा िसव्यापी खाति mmiorl) और पर अधिकार अपार थन 317 मोहक और मधुर ওনাংনো; নিমম जैसे ड्ारका का लोकप्रियता  वाणी, जो सभी कोई खाली हाथ HHTI को प्रभावित करे। नजाप। अनुग्रह लीला उपकार आनद उत्सव  बिन। अपेक्षा के दिव्य लोला और उपकार करने को आनंद प्रनान करन शक्ति | की शक्ति | ईशना ಹಗ (आधिपत्य) ( सौंदर्य और आभा) মবী্নি থামন असृत सौंदर्य और और निचंत्ञग। दिव्य तेज। ম विद्या (यथार्थ) (मेधा बुद्धि) पूर्ण विद्याओं में सभी মশনিচা निपुणता , जैसे वेद युद्धकला , संगीत। श्रीकृष्ण ` की प्रभवि নিমলা ( अत्यंत विनय ) 16 কলাত (पारदाशिता ) असीम मन रमें छल कपट का নিনমনা | अभावः पूर्ण शु्ता। उत्कर्षिपी ক্িযা 10 5a योग ।नीर क्षीर िवेक (प्रेरणा और नियोजन (ಹtulttirl) (चित्तशुद्धि) কী সহিলি কনে कर्म करने को। दसरों  सत्य असत्यस योग ओर चित्त पूर्ण क्षमता | निनक और गहन और योजन। बनाने ৎকাসনা  HH6II S श्रीकृष्ण ' इन १६ कलाओं से सभी गुणों में पूर्ण हैं। वे करुणा , धैर्य, क्षमा, न्याय, सौंदर्य, संगीत, नृत्य आदि सभी क्षेत्रों में सर्वोत्तम हैं। यही कारण है कि उन्हें सोलह कला अवतार कहा जाता है - पूर्ण पुरुषोत्तम , सम्पूर्ण अवतार| saardrla MflఖUI @Binayलपफमाधिंणे संपन्न पूर्ण अवतार विष्णु  के पूर्णावतार हैं, जिनमें दिव्यता की सभी १६ कलाऐं पूर्ण रूप से विद्यमान हैं। श्रीकृष्ण भगचान वे प्रेम , ज्ञान, शक्ति, करुणा और धर्म के प्रतीक है उनका जीवन हमें सिखाता है कर्म करो , प्रेम करो और धर्म के मार्ग पर चलो। কীনি इला अचल संपत्ति (uT-VuI ।चाणी को भूमि और रात्य (धन सपदा िसव्यापी खाति mmiorl) और पर अधिकार अपार थन 317 मोहक और मधुर ওনাংনো; নিমম जैसे ड्ारका का लोकप्रियता  वाणी, जो सभी कोई खाली हाथ HHTI को प्रभावित करे। नजाप। अनुग्रह लीला उपकार आनद उत्सव  बिन। अपेक्षा के दिव्य लोला और उपकार करने को आनंद प्रनान करन शक्ति | की शक्ति | ईशना ಹಗ (आधिपत्य) ( सौंदर्य और आभा) মবী্নি থামন असृत सौंदर्य और और निचंत्ञग। दिव्य तेज। ম विद्या (यथार्थ) (मेधा बुद्धि) पूर्ण विद्याओं में सभी মশনিচা निपुणता , जैसे वेद युद्धकला , संगीत। श्रीकृष्ण ` की प्रभवि নিমলা ( अत्यंत विनय ) 16 কলাত (पारदाशिता ) असीम मन रमें छल कपट का নিনমনা | अभावः पूर्ण शु्ता। उत्कर्षिपी ক্িযা 10 5a योग ।नीर क्षीर िवेक (प्रेरणा और नियोजन (ಹtulttirl) (चित्तशुद्धि) কী সহিলি কনে कर्म करने को। दसरों  सत्य असत्यस योग ओर चित्त पूर्ण क्षमता | निनक और गहन और योजन। बनाने ৎকাসনা  HH6II S श्रीकृष्ण ' इन १६ कलाओं से सभी गुणों में पूर्ण हैं। वे करुणा , धैर्य, क्षमा, न्याय, सौंदर्य, संगीत, नृत्य आदि सभी क्षेत्रों में सर्वोत्तम हैं। यही कारण है कि उन्हें सोलह कला अवतार कहा जाता है - पूर्ण पुरुषोत्तम , सम्पूर्ण अवतार| - ShareChat