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#जय भिम नमो बुद्धाय
जय भिम - बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर १४ अप्रैल १८९१ 6 নিমনরয 1956 fielae उन्होंने उच्च शिक्षा के माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया और समाज को शिक्षा का महत्व समझाया | समाज सुधारक उन्होंने जाति भेदभाव, छुआछत और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और समानता की स्थापना के लिए संघर्ष किया। भारतीय संविधान के शिल्पकार उन्होंने भारतीय संविधान की रचना কী তী ভুনিয়া কা মনম নভা लिखित संविधान है और हर नागरिक अधिकारों की गारंटी देता हे। 07 महान विचारक उनका मूल मंत्र था - "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो"। उन्होंने न्यायः स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों को जीवनभर अपनाया और समाज को प्रेरित किया। बाबा साहेब का जीवन त्यागः संघर्ष और मिसाल समर्पण की है।वे करोड़ों केलिए लोगों प्रेरणा स्रोत और सच्चे समाज निर्माता हें। जय भीम नमो बुद्धाय !! बाबा साहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर १४ अप्रैल १८९१ 6 নিমনরয 1956 fielae उन्होंने उच्च शिक्षा के माध्यम से ज्ञान प्राप्त किया और समाज को शिक्षा का महत्व समझाया | समाज सुधारक उन्होंने जाति भेदभाव, छुआछत और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और समानता की स्थापना के लिए संघर्ष किया। भारतीय संविधान के शिल्पकार उन्होंने भारतीय संविधान की रचना কী তী ভুনিয়া কা মনম নভা लिखित संविधान है और हर नागरिक अधिकारों की गारंटी देता हे। 07 महान विचारक उनका मूल मंत्र था - "शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो"। उन्होंने न्यायः स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों को जीवनभर अपनाया और समाज को प्रेरित किया। बाबा साहेब का जीवन त्यागः संघर्ष और मिसाल समर्पण की है।वे करोड़ों केलिए लोगों प्रेरणा स्रोत और सच्चे समाज निर्माता हें। जय भीम नमो बुद्धाय !! - ShareChat