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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - जब मैं छोटी थी तो मेरी माँ का मेरी गलतियों पर एक थप्पड़ मेरे लि बहुत बड़े सामान था मुझे लगता था की इससे बड़ा कुछ नर्ह दुख के मैं बहुत  रोया करती थी लगता था बस अब कुछ नहीं है, सकता मैं सोचती हूँ वो एक थप्पड़ क्या था वो मेरी माँ का अरमान एक चिंता थी, मुझे सही गलत सीखने का एक सबक थाऔर मेरे था जो मुझ पर हावी था पर मेरी माँ के लिए मेरी क्या था एक भाव जिंदगी का विश्लेषण था जीवन के किसी मोड़ पर अगर परेशानी हम पर हावी होने लगे तो छोटे बच्चे से सीख लेनी   चाहिए जो अपनी माँ से थप्पड़ खाने पर देर तोरोता हैं और फिर उन्ही की गोद मैं  खेलने लग जाता हैं और भूल जाता है उसको लगता है की जिसको वो इतनी बड़ी परेशानी #శ్ల్ वो एक  भी नहीं था ঐঠা থা নী নী ওমল तो सबक था भी हमे दुःख और सबक मैं प लगता है की इतनी उम्र   पार करने पर करना नहीं आया फिर सोचा क्या कुछ भी ऐसा हो सकता हैं जो मेरे माँ बाप की उमी जब मैं छोटी थी तो मेरी माँ का मेरी गलतियों पर एक थप्पड़ मेरे लि बहुत बड़े सामान था मुझे लगता था की इससे बड़ा कुछ नर्ह दुख के मैं बहुत  रोया करती थी लगता था बस अब कुछ नहीं है, सकता मैं सोचती हूँ वो एक थप्पड़ क्या था वो मेरी माँ का अरमान एक चिंता थी, मुझे सही गलत सीखने का एक सबक थाऔर मेरे था जो मुझ पर हावी था पर मेरी माँ के लिए मेरी क्या था एक भाव जिंदगी का विश्लेषण था जीवन के किसी मोड़ पर अगर परेशानी हम पर हावी होने लगे तो छोटे बच्चे से सीख लेनी   चाहिए जो अपनी माँ से थप्पड़ खाने पर देर तोरोता हैं और फिर उन्ही की गोद मैं  खेलने लग जाता हैं और भूल जाता है उसको लगता है की जिसको वो इतनी बड़ी परेशानी #శ్ల్ वो एक  भी नहीं था ঐঠা থা নী নী ওমল तो सबक था भी हमे दुःख और सबक मैं प लगता है की इतनी उम्र   पार करने पर करना नहीं आया फिर सोचा क्या कुछ भी ऐसा हो सकता हैं जो मेरे माँ बाप की उमी - ShareChat