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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - रिज़्क़ और मौत! अहल-एनसलूक लिखते हैं कि जिस तरह मौत इंसान को ढूंढती रहती है और उसके कंधे पर लिखी होती है॰ उसी Rsh भी लिखा हुआ है और वह तरह इंसान को ढूंढता है। जहां कहीं आदमी जाता है, रिज़्क़ उसके साथ जाता है। अगर बैठता है तो रिज़्क़ भी उसके पास ही बैठता है। असरार-्उल ्अवलिया , पेज- २१] रिज़्क़ और मौत! अहल-एनसलूक लिखते हैं कि जिस तरह मौत इंसान को ढूंढती रहती है और उसके कंधे पर लिखी होती है॰ उसी Rsh भी लिखा हुआ है और वह तरह इंसान को ढूंढता है। जहां कहीं आदमी जाता है, रिज़्क़ उसके साथ जाता है। अगर बैठता है तो रिज़्क़ भी उसके पास ही बैठता है। असरार-्उल ्अवलिया , पेज- २१] - ShareChat