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Iqbal sahab #Shayari
Shayari - अल्लामा इक़बाल सजदा-ए-इश्क़ हो तो इबादत में मज़ा आता है, खाली सजदों में तो ही बसा करती है। दुनिया هزم ںیب تدابع وتوہ قشع هدجس < ےیترکاسب یہ ایندوت ںيب لودجس یلاخ लोग कहते हैं कि बस फर्ज़ अदा करना है, ऐसा लगता है कोई कर्ज़ लिया हो रब से। | ضرف سب ہک یہےتسک گول انرک ادا ےےبروہ ایل ضرق یلوک ےہاتکل اسیا तेरे सजदे कहीं तुझे काफ़िर न कर दें ऐ इक़बाल , तू झुकता कहीं और है और सोचता कहीं और है। لابقا ےا ےدرک ہنرفاک ےجت یبک ےدجس ٥ک ےروا ںيہ اتچوس روا ےہروا ںيہ 6? 4 0 अल्लामा इक़बाल सजदा-ए-इश्क़ हो तो इबादत में मज़ा आता है, खाली सजदों में तो ही बसा करती है। दुनिया هزم ںیب تدابع وتوہ قشع هدجس < ےیترکاسب یہ ایندوت ںيب لودجس یلاخ लोग कहते हैं कि बस फर्ज़ अदा करना है, ऐसा लगता है कोई कर्ज़ लिया हो रब से। | ضرف سب ہک یہےتسک گول انرک ادا ےےبروہ ایل ضرق یلوک ےہاتکل اسیا तेरे सजदे कहीं तुझे काफ़िर न कर दें ऐ इक़बाल , तू झुकता कहीं और है और सोचता कहीं और है। لابقا ےا ےدرک ہنرفاک ےجت یبک ےدجس ٥ک ےروا ںيہ اتچوس روا ےہروا ںيہ 6? 4 0 - ShareChat