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#🙏प्रातः वंदन #📒 मेरी डायरी
🙏प्रातः वंदन - मंदिर की सीढ़ियों को हम इसलिए प्रणाम करते हैं क्योंकि वे स्वयं स्थिर रहकर केवल को ऊपर उठाती है बल्कि মুসবী 7 भगवान के दर्शन करने में सहायता भी करती है...जीवन में ऐसे लोग वंदनीय है जो दूसरों को हैं...यही कर्म सबसे श्रेष्ठ है.. भी आगे बढ़ाते सुप्रभात। इसी का नाम ज़िंदगी 2026 मंदिर की सीढ़ियों को हम इसलिए प्रणाम करते हैं क्योंकि वे स्वयं स्थिर रहकर केवल को ऊपर उठाती है बल्कि মুসবী 7 भगवान के दर्शन करने में सहायता भी करती है...जीवन में ऐसे लोग वंदनीय है जो दूसरों को हैं...यही कर्म सबसे श्रेष्ठ है.. भी आगे बढ़ाते सुप्रभात। इसी का नाम ज़िंदगी 2026 - ShareChat