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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - एक लकड़ी पानी के किनारे पड़ी थी, उसे तीन जानवर खींच रहे थे। मछली नीचे ले जाना चाहती थी। बतख ऊपर उड़ा ले जाने की फिराक में थी। कछुआ जमीन पर घसीट रहा था। तीनों पूरा जोर लगा रहे थे, पर वह जहाँ की तहाँ रही। एक इंच भी आगे न बढ सकी| और चित्त जीवन की गाड़ी को f எ, अपनी अपनी दिशा में ले जाना चाहते हैं, ০য लक्ष्य एक न होने के कारण जीवन जहाँ-का-्तहाँ ही बना रहता है। प्रगति जरा भी नहीं हो पाती| 27 33 बुद्धि और चित्त तीनों सदिच्छा जब मन, जाते हैं, तो शक्ति संयुक्त हो जाती है, जीवन प्रगतिशील बन जाता है। एक लकड़ी पानी के किनारे पड़ी थी, उसे तीन जानवर खींच रहे थे। मछली नीचे ले जाना चाहती थी। बतख ऊपर उड़ा ले जाने की फिराक में थी। कछुआ जमीन पर घसीट रहा था। तीनों पूरा जोर लगा रहे थे, पर वह जहाँ की तहाँ रही। एक इंच भी आगे न बढ सकी| और चित्त जीवन की गाड़ी को f எ, अपनी अपनी दिशा में ले जाना चाहते हैं, ০য लक्ष्य एक न होने के कारण जीवन जहाँ-का-्तहाँ ही बना रहता है। प्रगति जरा भी नहीं हो पाती| 27 33 बुद्धि और चित्त तीनों सदिच्छा जब मन, जाते हैं, तो शक्ति संयुक्त हो जाती है, जीवन प्रगतिशील बन जाता है। - ShareChat