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#🌸 सत्य वचन
🌸 सत्य वचन - @@@ ಹ೯ಗ ೯ चाणक्य लोभ मन की वह अग्नि है ,जो विश्वास की जड़ों को देती है। ডলা जो व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए सब कुछ चाहता है, उस पर न राज्य टिकता है और न ही संबंध। अतः लोभ का त्याग करो, क्योंकि विश्वास वहीं जन्म लेता है जहाँ संतोष का वास होता है।" @@@ ಹ೯ಗ ೯ चाणक्य लोभ मन की वह अग्नि है ,जो विश्वास की जड़ों को देती है। ডলা जो व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए सब कुछ चाहता है, उस पर न राज्य टिकता है और न ही संबंध। अतः लोभ का त्याग करो, क्योंकि विश्वास वहीं जन्म लेता है जहाँ संतोष का वास होता है।" - ShareChat