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- ...♦️ गौवंश को बचाने के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा गौ सुरक्षा अभियान के तहत राजस्थान के जिला चूरू के गाँव दुमकी में स्थित तीन गांवों की गौशाला को 250 क्विंटल सूखा चारा प्रति माह निःशुल्क दिया जाएगा। #sant Ram pal Ji Mah araj816
- Ram Dasपरमात्मा स्वयं कह रहे हैं, सब्स्क्राइब करो 🙇🏻♂️🙇🏻♂️ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #संत रामपाल जी महाराज जी #gshhh #🙏गीता ज्ञान🛕 #india38
- Ram Dashttps://youtu.be/Udo6lznt04Q?si=HKxRIQ99FPz7UWLc #संत रामपाल जी महाराज जी #india #🙏🏻आध्यात्मिकता😇824
- Ram Dashttps://youtube.com/shorts/P0VBBtZCS_w?si=4B-IIxEkRWI8A99m #संत रामपाल जी महाराज जी #mahabharata #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #india1337
- rekha#फ्री_खाद_बीज_दवाई_सेवाअभियान Sa News YouTube Channel #santrampal ji maharaj1525
- Dali Patvar#sant ram pal ji maharaj1537
- Vijay Dass#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज #SantRampalJiMaharaj #SatGuru #Guru #TrueGuru #गुरु #गुरुपूर्णिमा #GuruPurnima सदाचार, नशामुक्त जीवन और शुद्ध आचरण को आध्यात्मिक साधना से जोड़कर देखा गया है। भक्ति के साथ जीवन में अच्छे संस्कार भी आवश्यक हैं। पूर्ण संत के संदर्भ में यह भी कहा गया है कि वह केवल दान या चंदा जुटाने के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ज्ञान और सद्भक्ति का मार्ग दिखाने के लिए होता है। दिए गए शास्त्रीय संदर्भों के अनुसार संत रामपाल जी महाराज अपने अनुयायियों को शास्त्रों के आधार पर भक्ति मार्ग समझाने का दावा करते हैं। उनके बताए ज्ञान को संबंधित ग्रंथों के संदर्भों के साथ स्वयं परखा जा सकता है। पूर्ण गुरु की पहचान का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। शास्त्रों का ज्ञान, सदाचार, समदृष्टि, भक्ति और शास्त्रविधि—इन कसौटियों पर गुरु के उपदेशों को समझना और परखना चाहिए। संतों की वाणी में बार-बार यह संदेश मिलता है कि गुरु की पहचान केवल नाम या प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान और आचरण से करनी चाहिए। कबीर साहेब, संत गरीबदास जी और गुरु ग्रंथ साहिब के संदर्भों में गुरु की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है। इन शिक्षाओं को समझकर आध्यात्मिक जीवन में विवेक विकसित किया जा सकता है। सतगुरु की शरण में जाने का अर्थ है अपने जीवन को ज्ञान, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर सुधारने का प्रयास करना। #sant ram pal ji maharaj #me follow1318
- Vijay Dass#GodMorningMonday #भारत_ऐसेबनेगा_सोने_की_चिड़िया . ब्रह्मलोक पुनरावृत्ति मे है। हिंदू धर्म की प्रभु प्रेमी आत्माएं विभिन्न प्रकार की मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं का पालन करती हैं। हम अपनी पवित्र पुस्तकों पर शोध और अध्ययन करते रहे हैं, लेकिन फिर भी हम इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए कि हिंदू धर्म के अनुसार सर्वोच्च और सर्वशक्तिमान भगवान कौन है? गीता अध्याय 8 के श्लोक 16 में लिखा है कि "ब्रह्मलोक पर्यंत सभी लोक पुनरावृत्ति में हैं अर्थात जन्मते मरते हैं।" पूर्ण परमात्मा के अतिरिक्त सभी देवी देवता, ब्रह्मा, विष्णु, महेश की जन्म और मृत्यु होती है। सभी धर्मों के धार्मिक ग्रंथ प्रमाणित करते हैं कि परमपिता परमेश्वर कभी भी माँ से जन्म नहीं लेते। ऋग्वेद मंडल 10 सूक्त 4 मंत्र 3 शिशुम् न त्वा जेन्यम् वर्धयन्ती माता विभर्ति सचनस्यमाना धनोः अधि प्रवता यासि हर्यन् जिगीषसे पशुरिव अवसृष्टः अनुवाद: हे पूर्ण परमात्मा! जब आप (शिशुम्) शिशु रूप धारण करते हो अर्थात् नवजात शिशु के रूप में प्रकट होते हो तो (त्वा) आपको कोई (माता) माता (जेन्यम्) जन्म देकर (विभर्ति) पालन पोषण करके (न वर्धयन्ती) बड़ा नहीं करती। अर्थात् पूर्ण परमात्मा का जन्म माता के गर्भ से नहीं होता। (सचनस्यमाना) वास्तव में आप अपनी रचना (धनोः अधि) शब्द शक्ति के द्वारा करते हो तथा (हर्यन्) भक्तों के दुःख हरण हेतु (प्रवता) नीचे के लोकों को मनुष्य की तरह आकर (यासि) प्राप्त करते हो। (पशुरिव) पशु की तरह कर्म बन्धन में बंधे प्राणी को काल से (जिगीषसे) जीतने की इच्छा से आकर (अव सृष्टः) सुरक्षित रचनात्मक विधि अर्थात् शास्त्रविधि अनुसार साधना द्वारा पूर्ण रूप से मुक्त कराते हो। जबकि ब्रह्मा ,विष्णु, महेश जी की माता दुर्गा तथा पिता ज्योति निरंजन काल है।इनकी जन्म व् मृत्यु होती है।प्रमाण देवी भागवत पुराण तीसरा स्कन्द अध्याय 5 के पृष्ठ 123 में उल्लिखित है। जबकि पूर्ण ब्रह्म कबीर जी का माता पिता के योग से बना शरीर नहीं है। Factful Debates Yt Channel ⤵️ https://youtu.be/wZARO887gn0?si=e9VoJymjfxtJHr-Z #sant ram pal ji maharaj #me follow1930
- Ram Dashttps://youtube.com/shorts/Rh4haoJpRQg?si=ia0odBs0AN-Hix-k #संत रामपाल जी महाराज जी #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕1721