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अगर हम इतना भी ना कर सके तो फिर हम पर अफसोस ही है। #सोचने वाली बात #*let us understand our religion #islam guide us in every field of life #points to ponder
सोचने वाली बात - ন দ্ংসাযা: ৪২ মুসলমান নলী (৬;) पर सदका (दान) करना जरूरी है।" लोगों ने पूछा, *ऐ अल्लाह के रसूल! अगर किसी के पास देने के लिए कुछ न हो तो वह क्या करे?" आप (alg) ने फरमाया, ४वह अपने हाथ से काम करे, खुद को फायदा पहुँचाए और उसी में से सदका करे।" लोगों ने फिर पूछा, *अगर वह यह भी न कर सके?" आप (lg) ने फरमाया, शतो जरूरतमंद और मदद मांगने वाले की मदद करे।" फिर लोगों ने पूछा, *अगर वह यह भी न कर सके?" आप (illg) ने फरमाया, ४तो वह अच्छे काम करे और बुरे कामों fg 744 यही उसके सदका మ HTTT U7TUTTTI संदर्भः सहीह 1445 बुखारी 10:20 am ন দ্ংসাযা: ৪২ মুসলমান নলী (৬;) पर सदका (दान) करना जरूरी है।" लोगों ने पूछा, *ऐ अल्लाह के रसूल! अगर किसी के पास देने के लिए कुछ न हो तो वह क्या करे?" आप (alg) ने फरमाया, ४वह अपने हाथ से काम करे, खुद को फायदा पहुँचाए और उसी में से सदका करे।" लोगों ने फिर पूछा, *अगर वह यह भी न कर सके?" आप (lg) ने फरमाया, शतो जरूरतमंद और मदद मांगने वाले की मदद करे।" फिर लोगों ने पूछा, *अगर वह यह भी न कर सके?" आप (illg) ने फरमाया, ४तो वह अच्छे काम करे और बुरे कामों fg 744 यही उसके सदका మ HTTT U7TUTTTI संदर्भः सहीह 1445 बुखारी 10:20 am - ShareChat