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#🤲🏻इस्लामी समाज☪️ #🕋इस्लामिक दुआ 🤲
🤲🏻इस्लामी समाज☪️ - पोर तलाक़ का बयान तलाक़ तीन तरह की होती है। रजई ,  बाइन और मुगल्लज़ा - तलाक़ रजई का मतलब यह कि शौहर 24 इद्दत के अंदर रजअत कर सकता है चाहे औ़रत राज़ी हो या न हो। और इद्दत के बाद औ़रत की मर्ज़ी से शव्वाल निकाह कर सकता है। हलाला की ज़रुरत नहीं | 1447 और तलाक़ बाइन का मतलब यह है कि औ़रत की हिजरी मर्ज़ी से शौहर इद्दत के अंदर निकाह कर सकता है और इद्दत के बाद भी हलाला की ज़रुरत नहीं| 13 और तलाक़े मुगल्लज़ा का मतलब यह है कि औ़रत हलाला के बग़ैर पहले शौहर के लिए जाइज़ नहीं| अप्रैेल अनवारुल हदीस पेज -१९३ ) 2026 एडिमिन टीम४ फ़ैज़्ान ए ्ताजुश्शरिअहग्रुष ईस्ची 6398361917/8273186129 पोर तलाक़ का बयान तलाक़ तीन तरह की होती है। रजई ,  बाइन और मुगल्लज़ा - तलाक़ रजई का मतलब यह कि शौहर 24 इद्दत के अंदर रजअत कर सकता है चाहे औ़रत राज़ी हो या न हो। और इद्दत के बाद औ़रत की मर्ज़ी से शव्वाल निकाह कर सकता है। हलाला की ज़रुरत नहीं | 1447 और तलाक़ बाइन का मतलब यह है कि औ़रत की हिजरी मर्ज़ी से शौहर इद्दत के अंदर निकाह कर सकता है और इद्दत के बाद भी हलाला की ज़रुरत नहीं| 13 और तलाक़े मुगल्लज़ा का मतलब यह है कि औ़रत हलाला के बग़ैर पहले शौहर के लिए जाइज़ नहीं| अप्रैेल अनवारुल हदीस पेज -१९३ ) 2026 एडिमिन टीम४ फ़ैज़्ान ए ्ताजुश्शरिअहग्रुष ईस्ची 6398361917/8273186129 - ShareChat