यह गीत एक भावुक मनुष्य के अतीत की यादों पर आधारित है जिसमें वह रात के अकेलेपन में अपने बचपन जीवन के पुराने दिनों और किए गए कार्यों को याद करता है। उसे उन दिनों की सरलता और मासूमियत की याद आती है लेकिन साथ ही कुछ गलतियों का पछतावा और आत्मग्लानि भी महसूस होती है। कवि अपनी माँ के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करता है जिन्हें वह जीवन की आधारशक्ति और दैवीय रूप में देखता है। साथ ही वह अपने गुरु या मार्गदर्शक के प्रति भी कृतज्ञता प्रकट करता है जिनके आशीर्वाद से उसका जीवन संवरता है।क्यूंकि यह गीत स्मृति पछतावा माँ के प्रति भक्ति और गुरु के प्रति समर्पण की भावनाओं को व्यक्त करती है। आध्यात्मिक दार्शनिक अनमोल भक्ति शक्ति आराधना प्रार्थना भजन कीर्तन अर्चन गीत, मेरी आँखें जागे रात को बुलाकर यादों में, #Meri Aankhe Jage Rat Ko Bulakar Yado men, Writer ✍️ #Halendra Prasad,

