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#प्रदोष #गुरु प्रदोष व्रत
प्रदोष - ' 14 मई 2026 गुरु प्रदोष व्रत गुरू प्रदोष व्रत तब मनाया जाता है जब प्रदोष तिथि ' கபுsளி মু ক্না ক্রচ্চ মানী है। यह व्रत भगवान भगवान शिव को समर्पित होता ` में इसका विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन शिव पूजा , व्रत और मंत्र जाप करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। वर्ष २०२६ में ज्येष्ठ माह का गुरू प्रदोष व्रत १४ मई ( गुरूवार ) को पड़ेगा। इस दिन भक्त संध्या काल में शिवलिंग का अभिषेक, दीपदान और पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं सुख মনূঢ बढ़ती है और भगवान शिव की विशेष ' प्राप्त होती हे। कृपा ' 14 मई 2026 गुरु प्रदोष व्रत गुरू प्रदोष व्रत तब मनाया जाता है जब प्रदोष तिथि ' கபுsளி মু ক্না ক্রচ্চ মানী है। यह व्रत भगवान भगवान शिव को समर्पित होता ` में इसका विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन शिव पूजा , व्रत और मंत्र जाप करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। वर्ष २०२६ में ज्येष्ठ माह का गुरू प्रदोष व्रत १४ मई ( गुरूवार ) को पड़ेगा। इस दिन भक्त संध्या काल में शिवलिंग का अभिषेक, दीपदान और पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं सुख মনূঢ बढ़ती है और भगवान शिव की विशेष ' प्राप्त होती हे। कृपा - ShareChat