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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #📝 अधूरे अल्फाज़ #📜मेरी कलम से✒️
✍️ अनसुनी शायरी - नज़र में तुम मेरी नजर में क्या थे तुम मेरी भी नहीं पता रहा होगा 5 यह शायद इसलिए वह मेरे प्यार से अजनबी रहा होगा uIIగqI# Neeraj Krishna Dwivedi Vour luote in नज़र में तुम मेरी नजर में क्या थे तुम मेरी भी नहीं पता रहा होगा 5 यह शायद इसलिए वह मेरे प्यार से अजनबी रहा होगा uIIగqI# Neeraj Krishna Dwivedi Vour luote in - ShareChat