नेपाल में जून से धान की रोपाई शुरू होनी है,
लेकिन अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण
खाद की बड़ी खेप रास्ते में ही फंस गई।
ऐसे मुश्किल समय में
नेपाल सरकार ने भारत से
80,000 टन खाद की आपातकालीन मदद मांगी,
जिसमें 60 हजार टन यूरिया और 20 हजार टन DAP शामिल है।
भारत ने अपनी
“Neighbourhood First” नीति के तहत
इस अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर लिया।
दिलचस्प बात यह है कि
हाल के दिनों में
भारत के खिलाफ सख्त बयान देने वाली
बालेन शाह सरकार के लिए
इसे बड़ा राजनीतिक यू-टर्न भी माना जा रहा है।
संकट की घड़ी में
एक बार फिर भारत ने दिखाया कि
पड़ोसी देशों की मदद उसकी प्राथमिकता है।
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