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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - २१ दिन का ध्यान रोज दस मिनट ध्यान करने से क्या क्या चीजें बाहर निकलती हैं इस पर चर्चा सबसे पहले सूर्य प्रभावित होता है जिससे अंदर छुपा हुआ कॉन्फिडेंस उभरने लगता है फिर चंद्रमा इमोशनल कंट्रोल होने लगता है ताजगी महसूस होती है का विकास होना चालू होता है उसके बाद मंगल शरीर में नई ' TTuff' जिससे शरीर स्वस्थ फील करता है फिर बुध ` मस्तिक अच्छा कार्य करता है स्थिरता आती है दिमाग की नशे शांत चित्त ठंडा महसूस करती है फिर गुरु हृदय के अंदर ज्ञान की ज्योति शुरू होती है समस्याओं के समाधान मिलने लगते हैं मतलब बंद ताले की चाबी का पता चल जाता है फिर शुक्र जो एक चमक चेहरे पर उत्पन्न करता है शुरुआत में और आनंद की अनुभूति कराता है प्राप्त नहीं होगा उसमें समय लगेगा फिर शनि जो कार्य के प्रति जागरूक करता है और गति को बढ़ाता है एक उद्देश्य देता है फिर राहु ' सभी ऊर्जाओं को सही तरीके से व्यवस्थित करता है और केतु समाधि की स्थिति उत्पन्न कराता है मन की गांठों को खोलता है जो बीस बीस साल से अंदर लगी हुई होती है यह तो केवल ट्रेलर है अभी बहुत कुछ बाकी है बहुत कुछ खुलता है डर, इमोशनल , क्रोध, बेचैनी , शरीर में अनगिनत बीमारियां, धीरे धीरे करके बाहर निकलती हैं।ये सब स्टेज आगे की है २१ दिन का ध्यान रोज दस मिनट ध्यान करने से क्या क्या चीजें बाहर निकलती हैं इस पर चर्चा सबसे पहले सूर्य प्रभावित होता है जिससे अंदर छुपा हुआ कॉन्फिडेंस उभरने लगता है फिर चंद्रमा इमोशनल कंट्रोल होने लगता है ताजगी महसूस होती है का विकास होना चालू होता है उसके बाद मंगल शरीर में नई ' TTuff' जिससे शरीर स्वस्थ फील करता है फिर बुध ` मस्तिक अच्छा कार्य करता है स्थिरता आती है दिमाग की नशे शांत चित्त ठंडा महसूस करती है फिर गुरु हृदय के अंदर ज्ञान की ज्योति शुरू होती है समस्याओं के समाधान मिलने लगते हैं मतलब बंद ताले की चाबी का पता चल जाता है फिर शुक्र जो एक चमक चेहरे पर उत्पन्न करता है शुरुआत में और आनंद की अनुभूति कराता है प्राप्त नहीं होगा उसमें समय लगेगा फिर शनि जो कार्य के प्रति जागरूक करता है और गति को बढ़ाता है एक उद्देश्य देता है फिर राहु ' सभी ऊर्जाओं को सही तरीके से व्यवस्थित करता है और केतु समाधि की स्थिति उत्पन्न कराता है मन की गांठों को खोलता है जो बीस बीस साल से अंदर लगी हुई होती है यह तो केवल ट्रेलर है अभी बहुत कुछ बाकी है बहुत कुछ खुलता है डर, इमोशनल , क्रोध, बेचैनी , शरीर में अनगिनत बीमारियां, धीरे धीरे करके बाहर निकलती हैं।ये सब स्टेज आगे की है - ShareChat