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🍀🌹🍀#GodMorningWednesday🌹🌴🌹🌴 शरीर समाप्त हो गया तो ! पूज्य कबीर परमेश्वर जी ने कहा है:- कबीर, मानुष जन्म दुलर्भ है, मिले न बारं-बार। तरवर से पत्ता टूट गिरे, बहुर ना लागे डार।। #SantRampajiQuotes ##sant rampal ji maharaj
#sant rampal ji maharaj - शंरीर समाप्त ৪ী ঠামা নী ! पूज्य कबीर परमेश्वर जी ने कहा हैः- है॰ मिले न बारं बार। कबीर , मानुष जन्म दुलर्भ तरवर से पत्ता टूट गिरे, बहुरना लागे डारा। हे मानव शरीरधारी प्राणी! यह मानव जन्म बहुत कठिनता से युर्गों पर्यन्त प्राप्त होता है। मिलता। इस शरीर के रहते - रहते यह बार-बार नहीं शुभ कर्म तथा परमात्मा की भक्ति कर, गया तो आप पुनः इसी स्थिति अन्यथा यह शरीर समाप्त यानि मानव शरीर को प्राप्त नहीं करपाओगे। जैसे वृक्ष से पत्ता के पश्चात् उसी डाल पर पुनः नहीं लगता। ಣ' जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल दासाद शंरीर समाप्त ৪ী ঠামা নী ! पूज्य कबीर परमेश्वर जी ने कहा हैः- है॰ मिले न बारं बार। कबीर , मानुष जन्म दुलर्भ तरवर से पत्ता टूट गिरे, बहुरना लागे डारा। हे मानव शरीरधारी प्राणी! यह मानव जन्म बहुत कठिनता से युर्गों पर्यन्त प्राप्त होता है। मिलता। इस शरीर के रहते - रहते यह बार-बार नहीं शुभ कर्म तथा परमात्मा की भक्ति कर, गया तो आप पुनः इसी स्थिति अन्यथा यह शरीर समाप्त यानि मानव शरीर को प्राप्त नहीं करपाओगे। जैसे वृक्ष से पत्ता के पश्चात् उसी डाल पर पुनः नहीं लगता। ಣ' जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल दासाद - ShareChat