ShareChat
click to see wallet page
search
#🙏 જય શ્રી કૃષ્ણ
🙏 જય શ્રી કૃષ્ણ - अध्यायः१५:श्र्लोकः१ अश्वत्थम् (वृक्ष। संसार) यह संसार एक वृक्ष की तरह है, जो हर पल बदलता रहता है। बैठा , जो इसे स्थायी मान वही सबसे ज्यादा उलझ गया। जयत्री कृष्ण अध्यायः१५:श्र्लोकः१ अश्वत्थम् (वृक्ष। संसार) यह संसार एक वृक्ष की तरह है, जो हर पल बदलता रहता है। बैठा , जो इसे स्थायी मान वही सबसे ज्यादा उलझ गया। जयत्री कृष्ण - ShareChat