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#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - एक आखरी बार आऊंगा देख आखरी बार आऊंगा | तेरी शादी का लहंगा मैं ঔণন মাথ লাজ্ঘা| भीड़ भाड़ होगी तेरे इर्द - गिर्द फिर भी मैं, रंग बिरंगी कांच की चूड़ियां अपने हाथों से तुझे पहनाऊंगा | जब करेंगे सवाल लोग तुझसे मेरे बारे में , तुम बस खामोशी से मुस्कुरा देना। मैं सर पर टोकरी रखकर ತ್ वाला बन जाऊंगा | लेखक आदर्श दीक्षित एक आखरी बार आऊंगा देख आखरी बार आऊंगा | तेरी शादी का लहंगा मैं ঔণন মাথ লাজ্ঘা| भीड़ भाड़ होगी तेरे इर्द - गिर्द फिर भी मैं, रंग बिरंगी कांच की चूड़ियां अपने हाथों से तुझे पहनाऊंगा | जब करेंगे सवाल लोग तुझसे मेरे बारे में , तुम बस खामोशी से मुस्कुरा देना। मैं सर पर टोकरी रखकर ತ್ वाला बन जाऊंगा | लेखक आदर्श दीक्षित - ShareChat