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वायरल न्यूज - सिपाही भर्ती के अभ्यर्थी को घोषित फिट , नियुक्ति के दिए आदेश किया प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल ( सिविल पुलिस ) भर्ती- २०२३ के एक अभ्यर्थी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की नई रिपोर्ट के लिए उपयुक्त माना है। उसे आधार पर अभ्यर्थी को सेवा के नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। 4 ममल यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व चतुर्वेदी की खंडपीठ ने शिवम कुमार मौर्या की विशेष পচেপসা अपील पर दिया है। वाराणसी निवासी याची को कान में छेद होने के कारण चिकित्सीय रूप से अनफिट कर दिया गया था। याची ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एकलपीठ ने भी चिकित्सा बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में एकलपीठ के फैसले को विशेष अपील में चुनौती दी। याची के अधिवक्ता अनरन्नज प्रताप सिंह ने दलील दी कि याची पूरी तरह स्वस्थ है। वाराणसी के सरकारी बीएचयू  की रिपोर्ट में भी फिट पाया गया है। अस्पताल व देखते हुए केजीएमयू, हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को लखनऊ के विशेषज्ञों की टीम गठित कर अभ्यर्थी के गुनित परीक्षण का आदेश दिया। इस निर्देश के अनुपालन में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि शिवम कुमार मौर्य श्रवण शक्ति के दृष्टिकोण से पूरी तरह उपयुक्त हैं। লিব सेवा के खंडपीठ ने इस नई मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया। इसी के साथ पुराने अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अन्य % WT होने पर याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र सभी निर्धारित शर्तों जारी किया जाए। ब्यूरो सिपाही भर्ती के अभ्यर्थी को घोषित फिट , नियुक्ति के दिए आदेश किया प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल ( सिविल पुलिस ) भर्ती- २०२३ के एक अभ्यर्थी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की नई रिपोर्ट के लिए उपयुक्त माना है। उसे आधार पर अभ्यर्थी को सेवा के नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है। 4 ममल यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व चतुर्वेदी की खंडपीठ ने शिवम कुमार मौर्या की विशेष পচেপসা अपील पर दिया है। वाराणसी निवासी याची को कान में छेद होने के कारण चिकित्सीय रूप से अनफिट कर दिया गया था। याची ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एकलपीठ ने भी चिकित्सा बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में एकलपीठ के फैसले को विशेष अपील में चुनौती दी। याची के अधिवक्ता अनरन्नज प्रताप सिंह ने दलील दी कि याची पूरी तरह स्वस्थ है। वाराणसी के सरकारी बीएचयू  की रिपोर्ट में भी फिट पाया गया है। अस्पताल व देखते हुए केजीएमयू, हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को लखनऊ के विशेषज्ञों की टीम गठित कर अभ्यर्थी के गुनित परीक्षण का आदेश दिया। इस निर्देश के अनुपालन में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि शिवम कुमार मौर्य श्रवण शक्ति के दृष्टिकोण से पूरी तरह उपयुक्त हैं। লিব सेवा के खंडपीठ ने इस नई मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया। इसी के साथ पुराने अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अन्य % WT होने पर याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र सभी निर्धारित शर्तों जारी किया जाए। ब्यूरो - ShareChat