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जय सर्वजन समाज जय हिन्द जय भारत वंदेमातरम। #सनातन धर्म
सनातन धर्म - सनातन धर्म विषयक ज्ञान देव पूजन तथा उपासना के संबंध में मंत्र- जप प्रयुक्त होने वाले कुछ विशिष्ट शब्दों का अर्थ इस चाहिए प्रकार समझना दीप तथा नैवैध्य .q4lqaR T4 , 94 ళq   द्वारा पूजन करने को `पंचोपचार' कहते हैं | पंचामृत డైల , ఇగేT , 2. घृत, मधु { शहद ] तथा शक्कर 5 9 इनके मिश्रण को `पंचामृत' कहते हैंl गाय के दूध , घृत , मूत्र तथा गोबर इन्हें ३. पंचगव्य 'ು  सम्मिलित रूप में  पंचगव्य' कहते हैं | ४. षोडशोपचार अर्घ्य आवाहन् , आसन पाध्य మ अलंकार सुगंध , आचमन वस्त्र पुष्प , धूप  ٦ नैवैध्य , , अक्षत , ताम्बुल तथा दक्षिणा इन दीप सबके द्वारा पूजन करने की विधि को षोडशोपचार aగగగే గే | अर्घ्य आचमनीय ५. दशोपचार मधुपक्र पाध्य ು  दीप तथा नैवैध्य द्वारा पूजन आचमन , गंध  पुष्प ,धूप ) करने की विधि को दशोपचार 81 कहते Oxanshyam slastu सनातन धर्म विषयक ज्ञान देव पूजन तथा उपासना के संबंध में मंत्र- जप प्रयुक्त होने वाले कुछ विशिष्ट शब्दों का अर्थ इस चाहिए प्रकार समझना दीप तथा नैवैध्य .q4lqaR T4 , 94 ళq   द्वारा पूजन करने को `पंचोपचार' कहते हैं | पंचामृत డైల , ఇగేT , 2. घृत, मधु { शहद ] तथा शक्कर 5 9 इनके मिश्रण को `पंचामृत' कहते हैंl गाय के दूध , घृत , मूत्र तथा गोबर इन्हें ३. पंचगव्य 'ು  सम्मिलित रूप में  पंचगव्य' कहते हैं | ४. षोडशोपचार अर्घ्य आवाहन् , आसन पाध्य మ अलंकार सुगंध , आचमन वस्त्र पुष्प , धूप  ٦ नैवैध्य , , अक्षत , ताम्बुल तथा दक्षिणा इन दीप सबके द्वारा पूजन करने की विधि को षोडशोपचार aగగగే గే | अर्घ्य आचमनीय ५. दशोपचार मधुपक्र पाध्य ು  दीप तथा नैवैध्य द्वारा पूजन आचमन , गंध  पुष्प ,धूप ) करने की विधि को दशोपचार 81 कहते Oxanshyam slastu - ShareChat