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#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम
🕉️सनातन धर्म🚩 - श्री रामचरितमानस ~ बालकाण्ड सज्जनों की सेवा और देवहित बहुरि सक्र सुम बिनवऊँ तेही। सुंतत सुरानीक हित जेही।। अर्थ : मैं उन सज्जनों को भी प्रणाम करता हूँ, जो इन्द्र के समान निरंतर देवताओं और सज्जनों के हित में लगे रहते हैं। 2025 Bhakti Bhavna Powered by Bablu_dwivedi418 श्री रामचरितमानस ~ बालकाण्ड सज्जनों की सेवा और देवहित बहुरि सक्र सुम बिनवऊँ तेही। सुंतत सुरानीक हित जेही।। अर्थ : मैं उन सज्जनों को भी प्रणाम करता हूँ, जो इन्द्र के समान निरंतर देवताओं और सज्जनों के हित में लगे रहते हैं। 2025 Bhakti Bhavna Powered by Bablu_dwivedi418 - ShareChat