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#😞बेवफा शायरी #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #👍स्पेशल शायरी🖋 #🖋ग़ालिब की शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️
😞बेवफा शायरी - रोते हुए निकली थी वो दहलीज से पिता और फिर कभी चुप কী 75$..!! रोते हुए निकली थी वो दहलीज से पिता और फिर कभी चुप কী 75$..!! - ShareChat