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#शुभ मंगलवार #ज्योतिष वास्तु यंत्र मंत्र तंत्र
शुभ मंगलवार - और आयु नहीं हैं क्या सही इतना समय किसी भी प्रकार समय निकाल कर कष्ट जान सकें संतों के अनुभव और क्या गलत जप कर इस शरीर से उनके वचन मान के लिए अपनी उर्जा मन सहकर भगवान नाम ईश्वर की भक्ति करके परमात्मा की प्राप्ति केवल भगवान नाम जप भजन में भक्ति में कर लेनी चाहिये ताकि जो करोड़ जन्म होने लगाओ भजन और भक्ति केवल भगवान की राम, कृष्ण, हरि, राधा  वाले हैं उनसे पिण्ड छूठ जायेगा  इनकी ( सतःशी मेमानंद जी मताराज ) ( मत श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार भाईजी ) ஸ आवश्यक नहीं है कि जब किसी से दीक्षा ली जाए तभी गले में तुलसी पहनें हमें किसी ग्रंथ में ऐसा प्रमाण नहीं मिलता है कि जब कोई तुलसी 1 पहनावे तभी गले में तुलसी पहनना चाहिए भगवान श्री राम ने अपने नाम में अपनी पूरी शक्ति प्रत्येक शुद्ध शाकाहारी मनुष्य अपने कण्ठ में रख दी है और इसमें एक विशेषता यह भी है कि नाम  जप करने मे समय का कोई नियम नही है किसी भी धारण कर सकता है বুলমী  समय प्रातः दोपहर रात्रि को नाम जप सकते है ( संत श्री प्रैमानंद जी महाराज ) হানস !! श्री राधा कृष्ण नाम का जप करो !! चार लाख बत्तीस हजार वर्ष की आयु है कलियुग की अभी हम लोग बत्तीस हजार वर्ष वाली में भक्त को चाहिये कि वह व्यर्थ का बोलना बन्द कर नहीं पहुंचे अभी तो पांच हजार वर्ष से थोड़ा दे और उठते - बैठते , चलते फिरते , शुद्धि अशुद्धि ऊपर चल रहे हैं चार लाख है लाख पार होने दो फिर देखना जैसे जंगल में नहीं मचा रहता है जो में जीभ से बराबर भगवान का नाम लेता रहे अपने ज्यादा ताकतवर होता है वहीं मार कर खा लेता जिम्मे का काम सब करे, पर काम भर को बोले है इसी प्रकार आगे आने वाले समय में हम जो और जीभ को लगाये रखे भगवान के नाम-्जप में कर रहे हैं न तुरंत मुंह बंद कर दिया  अभी प्रवचन व्यर्थ बोलना बंद कर देने से चार लाभ होते हैं - आयेगा तुम बोल नहीं सकते जाएगा आगे समय झूठ छूटता है, परनिन्दा छूटती है, व्यर्थ की चर्चा  कोई धर्मात्मा धर्म की बात बोल दे उसे मारा है तथा वाणी में शक्ति आ जाती है তুৎলী  जायेगा ऐसा समय आयेगा ( मंत श्री हनुमान प्रसाद पौदार भाईजी ) ( सन श्री पेमानद जी महाराज ) और आयु नहीं हैं क्या सही इतना समय किसी भी प्रकार समय निकाल कर कष्ट जान सकें संतों के अनुभव और क्या गलत जप कर इस शरीर से उनके वचन मान के लिए अपनी उर्जा मन सहकर भगवान नाम ईश्वर की भक्ति करके परमात्मा की प्राप्ति केवल भगवान नाम जप भजन में भक्ति में कर लेनी चाहिये ताकि जो करोड़ जन्म होने लगाओ भजन और भक्ति केवल भगवान की राम, कृष्ण, हरि, राधा  वाले हैं उनसे पिण्ड छूठ जायेगा  इनकी ( सतःशी मेमानंद जी मताराज ) ( मत श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार भाईजी ) ஸ आवश्यक नहीं है कि जब किसी से दीक्षा ली जाए तभी गले में तुलसी पहनें हमें किसी ग्रंथ में ऐसा प्रमाण नहीं मिलता है कि जब कोई तुलसी 1 पहनावे तभी गले में तुलसी पहनना चाहिए भगवान श्री राम ने अपने नाम में अपनी पूरी शक्ति प्रत्येक शुद्ध शाकाहारी मनुष्य अपने कण्ठ में रख दी है और इसमें एक विशेषता यह भी है कि नाम  जप करने मे समय का कोई नियम नही है किसी भी धारण कर सकता है বুলমী  समय प्रातः दोपहर रात्रि को नाम जप सकते है ( संत श्री प्रैमानंद जी महाराज ) হানস !! श्री राधा कृष्ण नाम का जप करो !! चार लाख बत्तीस हजार वर्ष की आयु है कलियुग की अभी हम लोग बत्तीस हजार वर्ष वाली में भक्त को चाहिये कि वह व्यर्थ का बोलना बन्द कर नहीं पहुंचे अभी तो पांच हजार वर्ष से थोड़ा दे और उठते - बैठते , चलते फिरते , शुद्धि अशुद्धि ऊपर चल रहे हैं चार लाख है लाख पार होने दो फिर देखना जैसे जंगल में नहीं मचा रहता है जो में जीभ से बराबर भगवान का नाम लेता रहे अपने ज्यादा ताकतवर होता है वहीं मार कर खा लेता जिम्मे का काम सब करे, पर काम भर को बोले है इसी प्रकार आगे आने वाले समय में हम जो और जीभ को लगाये रखे भगवान के नाम-्जप में कर रहे हैं न तुरंत मुंह बंद कर दिया  अभी प्रवचन व्यर्थ बोलना बंद कर देने से चार लाभ होते हैं - आयेगा तुम बोल नहीं सकते जाएगा आगे समय झूठ छूटता है, परनिन्दा छूटती है, व्यर्थ की चर्चा  कोई धर्मात्मा धर्म की बात बोल दे उसे मारा है तथा वाणी में शक्ति आ जाती है তুৎলী  जायेगा ऐसा समय आयेगा ( मंत श्री हनुमान प्रसाद पौदार भाईजी ) ( सन श्री पेमानद जी महाराज ) - ShareChat