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राधाकृष्ण! राधा स्वर हैं, राधा सार हैं, राधा हृदय हैं, राधा विस्तार हैं। कृष्ण नाद हैं, कृष्ण वंशी हैं, कृष्ण चेतना, कृष्ण ही सृष्टि हैं। राधा तन्मयता, राधा समर्पण, राधा ही जीवन, राधा ही अर्पण। कृष्ण करुणा हैं, कृष्ण लीलाधर, कृष्ण ही सखा, कृष्ण ही ईश्वर। राधे-कृष्ण की कृपा, सब पर बरसे सदा। लिखो — जय श्री राधेकृष्ण #Radhe Radhe
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