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#🖋शेरो-शायरी #📝कविता / शायरी/ चारोळी #shero shayri
🖋शेरो-शायरी - होठों को छूआ उसने एहसास अब तक है। आँखों में नमी और साँसों में आग अब तक 81 वक़्त गुज़र गया पर याद उसकी अब तक है। पानीपूरी थी यार 4 स्वाद अब तक है | होठों को छूआ उसने एहसास अब तक है। आँखों में नमी और साँसों में आग अब तक 81 वक़्त गुज़र गया पर याद उसकी अब तक है। पानीपूरी थी यार 4 स्वाद अब तक है | - ShareChat