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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं fs संतोष न काम नसाहीं , काम अछत सुख सपनेहुँ नाहीं , राम भजन बिनु मिटहिं कि कामा , बिहीन तरु कबहुँ कि जामा थल संतोष के बिना कामना का नाश नहीं होता और कामनाओं के रहते स्वप्न में भी सुख नहीं हो सकता और श्री राम के भजन बिना कामनाएँ कभी नहीं मिट सकती हैं जैसे बिना धरती के कहीं पेड़ नहीं उग सकते है श्रीरामचरितमानस, उत्तरकांड ८९ ख/ १ हरि शरणं fs संतोष न काम नसाहीं , काम अछत सुख सपनेहुँ नाहीं , राम भजन बिनु मिटहिं कि कामा , बिहीन तरु कबहुँ कि जामा थल संतोष के बिना कामना का नाश नहीं होता और कामनाओं के रहते स्वप्न में भी सुख नहीं हो सकता और श्री राम के भजन बिना कामनाएँ कभी नहीं मिट सकती हैं जैसे बिना धरती के कहीं पेड़ नहीं उग सकते है श्रीरामचरितमानस, उत्तरकांड ८९ ख/ १ - ShareChat