अग्रंमग्रं चरंतीना, औषधिना रसवने,
तासां ऋषभपत्नीना, पवित्रकायशोधनम्,
यन्मे रोगांश्चशोकांश्च, पांप में हर गोमय।
अर्थात् :- गौचर वन में दिव्य औषधियों के रस का पान करने (जीमने) वाली गाय माता व नंदी भगवान आपका परम् पवित्र और शरीर शोधन करने वाला 'गौबर और गौमुत्र' वरदान है, आप हमारे शारीरिक रोग व मानसिक शोक और आर्थिक संताप का नाश कीजिए।
#गौमहिमा


