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#📝कविता / शायरी/ चारोळी this post
📝कविता / शायरी/ चारोळी - गुजारिश हमारी वह मान न सके, मज़बूरी हमारी वह जान न सके, हैं मरने के बाद भी कहते याद रखेंगे जीते जी जो हमें पहचान न सके. गुजारिश हमारी वह मान न सके, मज़बूरी हमारी वह जान न सके, हैं मरने के बाद भी कहते याद रखेंगे जीते जी जो हमें पहचान न सके. - ShareChat