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#✍🏽 माझ्या लेखणीतून #📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी #🥰प्रेम कविता📝 #🌹प्रेमरंग
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - लगावोगे माथे पर तिलक   पहनोगे माला क्या होगा अगर तुम्हारा मन ही रहेगा काला इन्सान की पहचान होती नहीं धर्म और जात से इन्सान की पहचान होती है इन्सान की इन्सानियत से hansraj] लगावोगे माथे पर तिलक   पहनोगे माला क्या होगा अगर तुम्हारा मन ही रहेगा काला इन्सान की पहचान होती नहीं धर्म और जात से इन्सान की पहचान होती है इन्सान की इन्सानियत से hansraj] - ShareChat