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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - निस्वार्थ समर्पणकीकमजोरी ना समझो, मन के रिश्तों को कच्ची डोरीना समझो, तुम पढ ना सके ये कमी तुम्हारी अपनी है, मेरे मन की किताब को तुम कोरी ना समझो..!! अज्ञात निस्वार्थ समर्पणकीकमजोरी ना समझो, मन के रिश्तों को कच्ची डोरीना समझो, तुम पढ ना सके ये कमी तुम्हारी अपनी है, मेरे मन की किताब को तुम कोरी ना समझो..!! अज्ञात - ShareChat