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#GodMorningThursday दया धर्म का मूल है, पाप मूल अभिमान। कह कबीर दयावान के पास रहे भगवान।। कबीर साहेब जी कहते हैं धर्म वही करता है जिसके हृदय में दया है। तथा पाप वह करता है जिसमें अभिमान भरा है। कबीर परमात्मा ने कहा है कि दयावान के पास परमात्मा रहता है और अभिमानी के पास नहीं रहता। #jagatguru santrampal ji mahraj
jagatguru santrampal ji mahraj - ~1|1--- दया धर्म का पाप मूल अभिमान | मूल है , कह कबीर दयावान के पास रहे भगवान । | कबीर साहेब जी कहृते हैं धर्म वही करता है जिसके हृदय में दया है। तथा पाप वह करता जिसमें अभिमान भरा है। कबीर परमात्मा ने कह्ा है कि दयावान के पास परमात्मा रहता है और अभिमानी के पास नही रहता। शंत शमवाल जी महाशज ~1|1--- दया धर्म का पाप मूल अभिमान | मूल है , कह कबीर दयावान के पास रहे भगवान । | कबीर साहेब जी कहृते हैं धर्म वही करता है जिसके हृदय में दया है। तथा पाप वह करता जिसमें अभिमान भरा है। कबीर परमात्मा ने कह्ा है कि दयावान के पास परमात्मा रहता है और अभिमानी के पास नही रहता। शंत शमवाल जी महाशज - ShareChat