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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं लिए और वृक्ष अपने फल के जैसे नदी अपने जल के लिए कभी चिंतित नहीं होते , वैसा ही स्वभाव एक सच्चे होता है, वह केवल श्रेष्ठ कर्म करता है और भक्त का अपनी जीवन रूपी नैय्या उस परम मल्लाह (ईश्वर) को सौंपकर निश्चिंत हो जाता है। सभी प्रभु प्रेमियों को सुबह की राम राम हरि शरणं लिए और वृक्ष अपने फल के जैसे नदी अपने जल के लिए कभी चिंतित नहीं होते , वैसा ही स्वभाव एक सच्चे होता है, वह केवल श्रेष्ठ कर्म करता है और भक्त का अपनी जीवन रूपी नैय्या उस परम मल्लाह (ईश्वर) को सौंपकर निश्चिंत हो जाता है। सभी प्रभु प्रेमियों को सुबह की राम राम - ShareChat