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#✍️ साहित्य एवं शायरी #💌शब्द से शायरी✒️ #दिल💖के अल्फ़ाज़✍️ #💚💜♥️♤लव शायरी♤मेरे दिल के अल्फाज♤मेरे जज्बात♤♥️💜💚{सुकून सिर्फ तुम}♥️रश्मिदत्ता♥️👈 #💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R
✍️ साहित्य एवं शायरी - बरसों पुरानी हैं ये ग़ज़लें नये नग़्मे भीगी भीगी आंखों मैं সপন সতী ৯ देखो ज़रा इनकी बाहों मैं आकर मुशर्रफ़ ए जुबानी हैं बेबाक हैं उसकी अदाएं यहां शोहरत बरसती हैं # ేTT6T # काजल लगा कर स्याही सी लगती हैं निगाहें गहरी 3TಾTF # ತೆಷ ओझल ग़ज़ल हैं तबस्सुम की तरह बोझल ग़ज़ल हैं ये बंधन कुछ कहता हैं यहाँ झूठी मुट्ठी मुहब्बत हैं बरसों पुरानी हैं ये ग़ज़लें नये नग़्मे भीगी भीगी आंखों मैं সপন সতী ৯ देखो ज़रा इनकी बाहों मैं आकर मुशर्रफ़ ए जुबानी हैं बेबाक हैं उसकी अदाएं यहां शोहरत बरसती हैं # ేTT6T # काजल लगा कर स्याही सी लगती हैं निगाहें गहरी 3TಾTF # ತೆಷ ओझल ग़ज़ल हैं तबस्सुम की तरह बोझल ग़ज़ल हैं ये बंधन कुछ कहता हैं यहाँ झूठी मुट्ठी मुहब्बत हैं - ShareChat