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#Mahesh Kumar Bhatt (સનાતન હિન્દુ ધર્મ) #મહેશ કુમાર ભટ્ટ (#@MHS143) ##@મહેશ ભટ્ટ (MHS143) ##@વિજય & નયના #મહેશ કુમાર ભટ્ટ રાષ્ટ્રવાદી (દેશ પ્રેમી (
Mahesh Kumar Bhatt (સનાતન હિન્દુ ધર્મ) - इति व्यासमुखोद्गीतं यः पठेत् सुसमाहितः | दिवा वा यदि वा रात्रौ विघ्नशान्तिर्भविष्यति ।। १० नरनारीनृपाणां च भवेद् दुःस्वप्ननाशनम्। ऐश्रवर्यमतुलं तेषामारोग्यं पुष्टिवर्द्धनम्। । १११ | पीड़ास्तस्कराग्निसमुद्भवाः | ग्रहनक्षत्रजाः ताः सर्वाः प्रशमं यान्ति व्यासो ब्रूते न संशय।। १२।| नवग्रह देवता जीवन में उथल पुथल मचाने में सक्षम होते हैं। ग्रहों को शांत करने के लिए नवग्रह स्तोत्र की की गई है। इस स्तोत्र की रचना ऋषि व्यास ने की रचना थी। नवग्रह स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक स्तुति है, जो नवग्रहों यानि सूर्य, चंद्र , मंगल , बुध , बृहस्पति , शुक्र , शनि , राहु और केतु की शांति और कृपा प्राप्ति के लिए पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत करने , दुर्योंग से बचने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए अत्यंत फलदायक माना जाता है। प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद, शांत चित्त होकर पाठ करें। इति व्यासमुखोद्गीतं यः पठेत् सुसमाहितः | दिवा वा यदि वा रात्रौ विघ्नशान्तिर्भविष्यति ।। १० नरनारीनृपाणां च भवेद् दुःस्वप्ननाशनम्। ऐश्रवर्यमतुलं तेषामारोग्यं पुष्टिवर्द्धनम्। । १११ | पीड़ास्तस्कराग्निसमुद्भवाः | ग्रहनक्षत्रजाः ताः सर्वाः प्रशमं यान्ति व्यासो ब्रूते न संशय।। १२।| नवग्रह देवता जीवन में उथल पुथल मचाने में सक्षम होते हैं। ग्रहों को शांत करने के लिए नवग्रह स्तोत्र की की गई है। इस स्तोत्र की रचना ऋषि व्यास ने की रचना थी। नवग्रह स्तोत्र एक शक्तिशाली वैदिक स्तुति है, जो नवग्रहों यानि सूर्य, चंद्र , मंगल , बुध , बृहस्पति , शुक्र , शनि , राहु और केतु की शांति और कृपा प्राप्ति के लिए पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत करने , दुर्योंग से बचने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए अत्यंत फलदायक माना जाता है। प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद, शांत चित्त होकर पाठ करें। - ShareChat